पत्नी के आदेश पर सासू माँ को दी यौन संतुष्टि-2

रात बहुत हो गई थी इसलिए मैं सासू माँ और रूचि को शयनकक्ष में सोने के लिए छोड़ कर बैठक में रखे दीवान पर सोने चला गया।

सुबह उठ कर रोजाना की दिनचर्या के अनुसार मैं और रूचि तैयार हो कर अपने अपने काम पर चले गए और शाम को देर से घर लौटे।

उस शाम और रात सब समान्य रहा और सासू माँ ने भी कोई ऐसी बात या हरकत नहीं करी।

रात को जब मैं और रूचि सम्भोग करने के बाद अपने को साफ़ करके एक दूसरे के बाहुपाश में लेटे हुए थे तब रूचि ने सासू माँ की दयनीय स्थिति की बात उठाते हुए कहा– राघव, हमारे माता पिता हमारी परवरिश के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर देते हैं। हमारी ख़ुशी और सुख के लिए वे सब कुछ करते हैं जिसके लिए उन्हें कितने भी दुख उठाने पड़ते हैं।

बिना रुके आगे बोलते हुए उसने कहा– वह कई बार खुद नहीं खाकर हमें अवश्य ही खिलाते हैं, खुद नया कपड़ा नहीं पहन कर भी हमारे लिए नए कपड़े अवश्य ही लाते हैं तथा कई बार स्थान की कमी होने पर हमारे सोने की वयवस्था करते हैं और खुद जाग कर रात बिताते हैं। हमें खुश देख कर वे खुश तो होते है लेकिन हमें दुखी देख कर वे अपना दुख भूल कर हमें खुश करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा देते हैं।

रूचि की बात सुन कर मैंने कहा– रूचि, तुम जो कह रही हो, वह बिल्कुल सही है इसलिए इतना बड़ा व्याखान मत दो। तुम्हें जो कहना है उसे संक्षिप्त में कह दो।

तब रूचि ने कहा– मैं अपनी मम्मी से बहुत ही प्यार करती हूँ और मुझसे उनकी ऐसी दयनीय स्थिति देखी नहीं जाती है। जैसे मेरी ख़ुशी के लिए उन्होंने बहुत दुख सहा है और बहुत त्याग किये हैं तो क्या हम उनके सुख और ख़ुशी के लिए कुछ दुख सहते हुए कोई त्याग नहीं कर सकते?

यह कहानी भी पड़े  छोटे भाई ने कुंवारी चूत की सील तोड़ी

मैंने उत्तर में कहा– रूचि, मैं तुम्हारी बात से सहमत हूँ कि हमें भी अपने माता पिता के सुख और ख़ुशी के लिए कुछ तो करना चाहिए। तुमने उनसे बात की है और उनके दुख को दूर करने के लिए वे क्या चाहती हैं, जानती हो। इसलिए तुम्ही बताओ कि हम उनके लिए ऐसा क्या कर सकते है कि उन्हें भरपूर सुख और ख़ुशी मिले?

मेरे उत्तर को सुन कर रूचि बोली– अगर मैं उनकी ख़ुशी और सुख के लिए अपना स्वार्थ छोड़ दूँ और तुम थोड़ा अतिरिक्त परिश्रम करने के लिए राज़ी हो जाओ तो रास्ता निकल सकता है।

मैंने पूछा– तुम बात को घुमा कर मत कहो और सीधा सीधा बताओ कि कौन सा स्वार्थ और कैसा परिश्रम?

तब रूचि ने सीधी बात कही– मैं अपने निजी प्रयोग की वस्तु को साझा करने का स्वार्थ छोड़ कर तुम्हें मम्मी को यौन आनन्द एवं संतुष्टि प्रदान करने का अनुरोध करती हूँ। तुम्हें इस कार्य को करने के लिए कुछ अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ेगा और मैं आशा करती हूँ कि मेरी ख़ुशी के लिए तुम इस कार्य में मुझे पूरा सहयोग दोगे।

मैं माहौल को थोड़ा हल्का करने के लिए बोला– रूचि तुम्हारी ख़ुशी के लिए तो मेरी जान भी हाज़िर है लेकिन मैं तुम्हारे अनुरोध का पालन नहीं कर सकता क्योंकि मुझे सिर्फ तुम्हारे आदेशों के अनुसार ही कार्य करने की आदत है।

मेरी बात सुन कर रूचि थोड़ी गौरवान्वित होते हुए हंसी और बोली– मेरे राजा ऐसा नहीं कहो और अब मज़ाक करना छोड़ कर मेरी बात ध्यान से सुनो, कल रात मैंने माँ से विस्तार से बात की थी, वे चाहती हैं कि आप की मर्ज़ी के सप्ताह में किसी भी दो दिनों और मेरी माहवारी वाले पाँचों दिन आप उनके साथ सम्भोग करके उन्हें आनन्द और संतुष्टि प्रदान करें।

यह कहानी भी पड़े  स्वाती की गांड थूक लगाकर चोदी

मैंने रूचि से पूछा– तुम क्या चाहती हो?
रूचि बोली– माँ की ख़ुशी के लिए हम जितना वह कह रही हैं उतना तो कर सकते हैं।
मैंने कहा– रूचि, अब मेरे लिए क्या आदेश है?

रूचि ने मेरे मुँह को चूमते हुए कहा– मैं चाहती हूँ कि कल तुम मम्मी को यौन आनन्द एवं संतुष्टि प्रदान कर दो। मैं मम्मी को इस बारे में बता दूंगी ताकि तुम्हें कोई असुविधा नहीं हो।’

इसके बाद हम दोनों एक दूसरे के बाहुपाश में लिपट कर सो गए।

अगला दिन शनिवार होने के कारण मेरी छुट्टी थी इसलिए मैं काफी देर तक सोता रहा और रूचि रोजाना के समय बुटीक चली गई।

लगभग ग्यारह बजे सासू माँ ने मुझे जगाने के लिए आवाज़ लगाई, लेकिन ना तो मैं उठा और ना ही मैंने उन्हें कोई उत्तर दिया।

तब सासू माँ मेरे पास आई और मेरे कन्धों को पकड़ कर हिलाते हुए कहा– मेरे प्यारे राजकुमार, काफी देर हो गई तुम्हें सोते हुए, ग्यारह बजने ही वाले हैं, अब उठ भी जाओ।

जब मैं नहीं हिला तब उन्होंने झुक कर मुझे चूमते हुए मेरे कान में कहा– उठ कर कुछ खा पी लोगे तभी शरीर में ताकत एवं फ़ूर्ति आ जायेगी और तभी तुम रूचि के आदेश का पालन कर पाओगे।

Pages: 1 2 3 4 5

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


दबाये बूब्स हिन्दी कहानियाबेटे के लँड की मुठ मारीAntavsna kahni.com all new.Samuhik chudai ki kahaniya gundo ke sath meचुतमराईचुतwww.anterwasana sex.comchudwaya3 logo se garia budhiya ko choda hindi sex storywww.pura.land.chutme.ghusade.bhosdike.hindi.sex.kahaniसेकस से भरपुर मजेदार कहानियाँcchote larke ko बोल ke लालच से भाभी ne सेक्स क्या हिंदी कहानीराज शर्मा सेक्स स्टोरी हमे देवरो ने खुब चोदाikamukta / 'dat कॉमxxx com maja aata h kasexxx khani beta ko mooth marte maa ne dekhaGarbati Sexxxxxxxx kahneeउसके नंगे स्तनों पे मंगलसूत्रसगे भाई ने बहन को प्रेगनेंट किया चूत में लौड़ा वीर्यशादीशुदा औरत की रिश्तों में चुदाई की कहानियाँmasi or uski saheli ki pyas bhujhaiभाभी ने अपनी ननद नगा करके चुदाई पान फिल्ममाँ की घर में चुदाईससुरजी जोर से चौदोमाँ बेटे कि चुदाई की कहानियाँचाची ने तेल मालिश करके लंड को बङा कियाbeeg करवा चौथ की चुदाईFarheen baaji ki gandमौसी की जाने अनजाने में चोदाईnajuk ladkiyo ki sex kahaniaपापा ने प्यार से चोदाdesi vidava bhabi sxsiहोटल के मालिक से चुदी Hindi sex storySasurji ne chuchi dabai khet me sexy storiesलंडकी प्यासी आंटी सेस्क स्टोरीmetro cudayi karte huai videoमा कि चूदाई गेर मरद सेsaxe xxx antarvasnaपत्नी की बुर मुँह में लंड चुदाईगांड पुचची चुदाई कथा Drwww.maa bahen maa bani new antarvasana. comhot story kambaki xxx.comअपने बडां लडं से चाची और सास चुदाईkahnya bhabhi ki chudaiमासुम बहु राज शर्मा की कहानी Sex kahani behan maa trian me dost bhaiदर्द भरी रातें xxx स्टोरीKamvasna stoye hinde xnxxmosi se Sadi Kiya sexy Hindi Kahani rajsharma.comPaw.roti.jesi.fuli.chut.chodne.ki.hindi.khaniyabahan ki gaand trainki bheed me mariजवाई ने शाश को पकड कर ki jbrdsti chudaiसविता आंटी के किस्सेबस मे बहू कि चूदाईदीवाली सेक्स स्टोरीऔरत की चुदाई के चुटकले और कहानियामम्मी ने मौसी को चोदने को कहीBadsurat aurat hindi sex storydidi ki shadi ke baad agli raat8 logo ka pariwar sex storyजवान लडकी की चुदाइpariwarik rishton me sex storiMarathi sex story bhahin bhau sagar sangeetaदीदी की मदमस्त गांडKhala ko choda aaba ne sex kahni hindiमाँ के सामने दीद की गांड लीचोदनाDeshibees.compapa bus me chusaya ratki sfar me2020 की न ई रिशतो मे चूदाईया